मलावी के उपराष्ट्रपति सॉलस चिलिमा की विमान दुर्घटना में हुई मृत्यु: 9 अन्य यात्रियों के साथ

मलावी के उपराष्ट्रपति सॉलस चिलिमा की विमान दुर्घटना में हुई मृत्यु: 9 अन्य यात्रियों के साथ
Anindita Verma जून 12 16 टिप्पणि

मलावी के उपराष्ट्रपति सॉलस चिलिमा की दुःखद मृत्यु

मलावी के उपराष्ट्रपति सॉलस चिलिमा की सोमवार को एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई जिसमें उनके साथ नौ अन्य यात्री भी शामिल थे। यह खबर पूरे देश को स्तब्ध कर देने वाली थी। राष्ट्रपति लाज़ेरस चक्वेरा ने इस दुखद समाचार की पुष्टि एक भावपूर्ण सम्बोधन में की, जिसमें उन्होंने चिलिमा को एक अच्छा व्यक्ति, समर्पित पिता और पति, और देशप्रेमी नागरिक बताया।

विमान के मार्ग में बाधाएँ

विमान म्जुजु अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खराब दृश्यता के कारण लैंडिंग करने में असफल रहा। वायु यातायात नियंत्रण ने विमान को लैंडिंग के लिए निर्देश दिए थे लेकिन जल्द ही संपर्क टूट गया। इसके बाद विमान का मलबा उत्तरी मलावी के चीकांगवा जंगल में पाया गया। मलबा पूरी तरह नष्ट हो चुका था, और सभी यात्रियों की मृत्यु की पुष्टि की गई।

मलावी रक्षा बल का बचाव अभियान

मलावी रक्षा बल ने ड्रोन और 200 से अधिक सैनिकों को विमान की खोज के लिए तैनात किया, लेकिन खराब मौसम की वजह से बचाव कार्यों में विलंब हुआ। मलबा मिलने और मृतकों की पहचान होने तक पूरे देश में चिंता और उदासी छाई रही।

राष्ट्रपति चक्वेरा का सम्बोधन

राष्ट्रपति चक्वेरा ने इस घटना पर गहरा दुःख जाहिर किया और कहा कि चिलिमा की मृत्यु न केवल उनके परिवार और सहयोगियों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने चिलिमा को अपना उपराष्ट्रपति और सलाहकार मानने पर गर्व महसूस किया। चिलिमा ने 2014 से 2019 तक पूर्व राष्ट्रपति पीटर मुथारिका के साथ उपराष्ट्रपति के रूप में सेवा की थी और फिर 2020 में दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ग्रहण की थी।

राष्ट्रीय शोक

मलावी सरकार ने इस घटना के बाद 11 जून से 21 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की, जिसमें चिलिमा और अन्य अधिकारियों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जाएगा। मंगलवार शाम को मृतकों के अवशेष राजधानी में पहुँचे और राष्ट्रपति चक्वेरा द्वारा प्राप्त किए गए।

चिलिमा का करियर

सॉलस चिलिमा एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री थे और उन्होंने पूर्व में एयरटेल मलावी का नेतृत्व किया था, जिससे वे ऐसा करने वाले पहले मलावीवासी बने थे। वे अपने पीछे अपनी पत्नी मैरी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मलावी की जनता और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। चिलिमा की मृत्यु ने पूरे मलावी को शोक में डाल दिया है, और उनकी सेवाओं को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। यह त्रासदी पूरे मलावी के लिए एक कठिन समय है, लेकिन देश उनके द्वारा किए गए कार्यों को याद रखकर आगे बढ़ने का प्रयास करेगा।

16 टिप्पणि
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    priya sharma जून 12, 2024 AT 19:24

    विमान दुर्घटना के विश्लेषण में, एरियल नेविगेशन सिस्टम, एवरीफ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) तथा वायुगतिकीय स्थिरता मानकों की जाँच आवश्यक है। प्रीफ्लाइट चेकलिस्ट में मौसम प्रतिरोधी समन्वयन, वैकल्पिक लैंडिंग साइट की उपलब्धता, तथा कंट्रोल टैवर्न संचार प्रोटोकॉल की प्रवर्तनीयता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस प्रकार के सुरक्षा प्रोटोकॉल का कार्यान्वयन अंतर्राष्ट्रीय सिविल एविएशन ऑर्गनाइज़ेशन (ICAO) के अनुशंसित मानकों के अनुरूप होना चाहिए।

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    Ankit Maurya जून 14, 2024 AT 19:24

    देश के महान नेता की इस दुर्भाग्यजनक मौत ने हम सभी को तेज़ दुख में डाल दिया है!

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    Sagar Monde जून 16, 2024 AT 19:24

    सुनो भाई लोग ये हादसा तो बहुत ही अजीब था लगता है पायलट ने ठीक से कॉम्यूनिकेशन नहीं किया वाइटर एकदम गड़बड़ हो गई। जिंगले में एअरक्राफ्ट का एखड़्यार पिर पथर जैसा दिखा

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    Sharavana Raghavan जून 18, 2024 AT 19:24

    क्या बात है, आजकल के नेता जनता की असली समस्याओं से दूर भागते दिखते हैं, पर फिर भी इनको एक एलीट घटते तौर-तरीके से सम्मान दिया जाता है। ऐसा दिखावा कि उन्होंने विकास के लिए सब कुछ किया, पर वास्तविकता में तो केवल पार्टी के भीतर ही रहे।

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    Nikhil Shrivastava जून 20, 2024 AT 19:24

    भाईयो और बहनो, मलावी की धरती पर इस दुखद हादसे ने दिल को छू लिया है। चीकांगवा जंगलमा गड़बड़ मौसम की वजह से बचाव ममता बहुत टाईम लगा। हम सबको इस बात को समझना चाहिए के असली इंसानियत क्या है।

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    Aman Kulhara जून 22, 2024 AT 19:24

    विमान सुरक्षा के आँकड़े के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में अफ्रीका महाद्वीप में समान प्रकार की दुर्घटनाओं का प्रतिशत लगभग 2.3% रहा है। इनके बीच सबसे प्रमुख कारण मौसम की अति‑बढ़ी हुई अशान्ति (turbulence) और अपर्याप्त लैंडिंग उपकरण हैं। इस तथ्य को ध्यान में रखकर, भविष्य में सुधारात्मक उपाय अपनाए जा सकते हैं।

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    ankur Singh जून 24, 2024 AT 19:24

    हम्म... यह तो एक बेज़र सिचुएशन है; पूरी तरह से बकवास की तरह दिखता है, लेकिन डेटा देखो तो स्पष्ट है-रिपोर्टेड विडियो फूटेज में कोई भी ट्रैफ़िक कंट्रोल प्रोटोकॉल फॉलो नहीं किया गया। कोइ भी इंजन एरर नहीं था, तो सारा दायित्व तो लेज़र लाइफ़लाइन की कमी में है।

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    Aditya Kulshrestha जून 26, 2024 AT 19:24

    सभी को यह ज्ञात होना चाहिए कि विमान का प्रेशर कैबिन, ऑटोपायलट मोड और विमान की इंधन प्रणाली के बीच का इंटरफ़ेस अत्यंत जटिल होता है 🙂। यदि इन घटकों में से एक भी असंगत हो, तो परिणामस्वरूप नियंत्रण खोना संभव है।

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    Sumit Raj Patni जून 28, 2024 AT 19:24

    संकल्प दृढ़ रखें! इस त्रासदी से सीख लेकर अगले उड़ानों में सुरक्षा कवच को और सुदृढ़ बनाना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई और परिवार इस तरह का दर्द न झेले।

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    Shalini Bharwaj जून 30, 2024 AT 19:24

    मैं समझता हूँ कि कठिन समय है, लेकिन हमें इस दुख को याद रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

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    Chhaya Pal जुलाई 2, 2024 AT 19:24

    मलावी के उपराष्ट्रपति सॉलस चिलिमा की मृत्यु समाचार सुनते ही मेरे दिल में गहरा शोक उमड़ आया। उनका जीवन सफ़र न केवल राजनीतिक इतिहास में, बल्कि आर्थिक विकास में भी एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। उन्होंने एयरटेल मलावी के नेतृत्व में दूरसंचार क्षेत्र को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया, जिससे लाखों ग्रामीणों को जोड़ने का अवसर मिला। उनके पदभार में रहते हुए, उन्होंने कई सामाजिक कल्याण कार्यक्रम शुरू किए, जैसे कि शिक्षा व स्वास्थ्य में सुधार के लिए विशिष्ट निधि आवंटन। यह स्पष्ट है कि उनका योगदान केवल एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक राष्ट्रनिर्माता के रूप में भी था। वह एक समर्पित पिता और पति थे, जिनकी परिवारिक ज़िम्मेदारियों को उन्होंने कभी नहीं छोड़ा। उनकी अचानक मृत्यु ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे राष्ट्र को एक बड़े क्षति का सामना कराया। इस दुर्घटना के कारण मौसम की खराब स्थिति को प्रमुख कारण माना गया है, परंतु अन्य तकनीकी अभियांत्रिकी कमियों की भी जांच जारी है। बचाव दल ने अदम्य साहस दिखाते हुए कठिन परिस्थितियों में भी खोज कार्य जारी रखा। इस प्रक्रिया में कई विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे हादसे रोके जा सकते हैं यदि अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार नियमित निरीक्षण किया जाए। साथ ही, यह याद रखना चाहिए कि ऐसी त्रासदियाँ अक्सर हम सभी को सतर्क करती हैं कि सुरक्षा को कभी हल्के में न लें। उपराष्ट्रपति चिलिमा की स्मृति में राष्ट्रीय शोक अवधि घोषित की गई है, जिससे जनता को सामूहिक रूप से शोक व्यक्त करने का अवसर मिला। इस समय, हम सभी को उनके द्वारा स्थापित मूल्यों को आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए। उनके परिवार के लिए इस कठिन समय में हम सबकी प्रार्थनाएँ और सहानुभूति असीमित है। अंत में, यह कहना उचित रहेगा कि उनका जीवन आपदा में कुशल नेतृत्व और निरंतर सेवा का प्रतीक रहेगा, और उनकी विरासत अनन्तकाल तक जीवित रहेगी।

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    Naveen Joshi जुलाई 4, 2024 AT 19:24

    सच में, उनका जीवन हम सभी के लिए एक प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

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    Gaurav Bhujade जुलाई 6, 2024 AT 19:24

    इन घटनाओं से सीख लेकर भविष्य में एयरोस्पेस सुरक्षा मानकों को और मज़बूत बनाना आवश्यक है; मैं इस दिशा में कई प्रशिक्षण कार्यशालाओं की सिफ़ारिश करता हूँ।

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    Chandrajyoti Singh जुलाई 8, 2024 AT 19:24

    मैं इस दुखद क्षण में सभी सहयोगियों और उनके परिवार से गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ तथा उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

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    Riya Patil जुलाई 10, 2024 AT 19:24

    वह शहीद नहीं, बल्कि हमारे दिलों में बसी एक अमिट छवि हैं; उनका प्रकाश हमेशा मार्गदर्शक रहेगा।

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    naveen krishna जुलाई 12, 2024 AT 19:24

    हम सब मिलकर उनका सम्मान करेंगे और इस दुख को साझा करेंगे 🙂।

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