लखनऊ में मूलाम सिंह के पुत्र प्रतीक यादव की निधन, कारण: पल्मोनरी एम्बोलिज्म

लखनऊ में मूलाम सिंह के पुत्र प्रतीक यादव की निधन, कारण: पल्मोनरी एम्बोलिज्म
Anindita Verma मई 14 16 टिप्पणि

यूपी की राजनीति में एक बड़ा धमाका हुआ है। प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी संस्थापक मूलाम सिंह यादव के छोटे बेटे का 13 मई 2026 को लखनऊ में निधन हो गया। उनकी उम्र सिर्फ 38 साल थी। सुबह करीब 5 बजे अचानक बिगड़ते स्वास्थ्य के बीच उन्हें सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उनका देहांत हो चुका था। डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्राउट डेड' (Brought Dead) घोषित किया।

इस खबर ने न केवल समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को शोक के सागर में डुबो दिया, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी सन्नाटा छा गया। प्रतीक यादव सक्रिय राजनीति में नहीं थे, लेकिन उनके परिवार का दर्जा इतना ऊंचा था कि इस घटना ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया।

आखिरी घंटों की घटनाक्रम: सुबह 5 बजे से शाम तक

परिবার के स्रोतों के अनुसार, त्रासदी सुबह बहुत जल्दी शुरू हुई। लगभग 5:00 बजे प्रतीक यादव की हालत अचानक बिगड़ी। उन्हें सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही थी और बेचैनी बढ़ गई थी। घर में दौड़-भाग मच गई। तुरंत डॉक्टरों को बुलाया गया, जिन्होंने पहले घर पर प्राथमिक जांच की और फिर उन्हें अस्पताल भेजने की सलाह दी।

  • 5:00 AM: स्वास्थ्य अचानक बिगड़ता है, घर में अफरातफरी मच जाती है।
  • 5:55 AM: प्रतीक यादव को लखनऊ सिविल हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में लाया जाता है।
  • तत्काल: मेडिकल टीम तैयार होती है, लेकिन मरीज को 'ब्राउट डेड' घोषित किया जाता है।
  • 7:15 AM: सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव को अस्पताल से निकाला जाता है।
  • 1:30 PM - 2:00 PM: केजीएमयू (KGMU) में पोस्टमार्टम के बाद शव को विक्रमादित्य मार्ग स्थित निवास स्थान पर लाया जाता है।

चूंकि यह मामला एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से जुड़ा था, इसलिए अस्पताल प्रशादन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम ने हॉस्पिटल में पांचनामा तैयार किया और आधिकारिक कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम का आदेश दिया।

चिकित्सा इतिहास: पल्मोनरी एम्बोलिज्म और अवसाद

प्रतीक यादव के निधन का प्रमुख कारण पल्मोनरी एम्बोलिज्म बताया जा रहा है। यह एक गंभीर फेफड़ों की बीमारी है जिसमें रक्त वाहिकाओं में खून का थक्का बन जाता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है और अक्सर अचानक मौत हो सकती है।

स्रोतों के अनुसार, प्रतीक यादव पिछले काफी समय से इस बीमारी से जूझ रहे थे। इसके अलावा, वे मानसिक रूप से भी कमजोर थे और अवसाद (Depression) का इलाज करा रहे थे। पिछले महीने, को उनकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। हालांकि, उन्हें डिस्चार्ज किया गया था, लेकिन चिकित्सकों का मानना है कि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर थी।

एक विशेषज्ञ ने टिप्पणी करते हुए कहा, "पल्मोनरी एम्बोलिज्म अक्सर बिना चेतावनी के आघात लगा सकता है। यदि रोगी को पहले से ही किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या या मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है, तो जोखिम बढ़ जाता है।"

राजनीतिक परिणाम और भावुक प्रतिक्रियाएं

प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव हैं, जो भाजपा की नेता और महिला आयोग की उप-अध्यक्ष हैं। यह रिश्ता राजनीतिक रूप से दिलचस्प रहा है, क्योंकि प्रतीक के पिता मूलाम सिंह यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक हैं, जबकि अपर्णा एक प्रतिद्वंद्वी दल से जुड़ी हैं। प्रतीक अपने भाई अखिलेश यादव के समानांतर भाई (Step-brother) थे।

उनकी मृत्यु के बाद, समाजवादी पार्टी के एक विधायक ने घटना के परिस्थितियों पर सवाल उठाए और जांच की मांग की है। हालांकि, परिवार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस ने मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

शव को पोस्टमार्टम के बाद अपर्णा यादव के साथ उनके निवास स्थान पर ले जाया गया। वहां भारी संख्या में समर्थक और परिचित लोग मौजूद थे। सुरक्षा व्यवस्था को कसकर तैनात किया गया था ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके।

Frequently Asked Questions

प्रतीक यादव की मौत का मुख्य चिकित्सा कारण क्या था?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव पल्मोनरी एम्बोलिज्म नामक गंभीर फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे। यह बीमारी रक्त वाहिकाओं में खून के थक्के बनने के कारण होती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है। इसके अलावा, वे अवसाद का इलाज भी करा रहे थे, जिसने उनकी सामान्य स्वास्थ्य स्थिति को कमजोर किया होगा।

प्रतीक यादव कब और कहाँ मरे?

प्रतीक यादव का निधन 13 मई 2026 को लखनऊ में हुआ। सुबह करीब 5:00 बजे उनकी हालत बिगड़ी और उन्हें सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने रास्ता नहीं देखा और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका देहांत हो गया।

प्रतीक यादव और अखिलेश यादव के बीच क्या संबंध था?

प्रतीक यादव, मूलाम सिंह यादव के दूसरी पत्नी सधना गुप्ता के पुत्र अखिलेश यादव के समानांतर भाई (Step-brother) थे। दोनों एक ही पिता के बेटे हैं, लेकिन माताएं अलग हैं। प्रतीक यादव राजनीति में सक्रिय नहीं थे, जबकि अखिलेश यादव यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

पोस्टमार्टम कहाँ और कब किया गया?

प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम केजीएमयू (King George's Medical University) के मोर्चरी में किया गया। वहां के डॉक्टरों और सीएमओ (CMO) के चार डॉक्टरों की टीम ने इस प्रक्रिया में हिस्सा लिया। ऑर्गन्स को संरक्षित किया गया और दोपहर 1:30 से 2:00 बजे के बीच शव को उनके निवास स्थान पर वापस ले जाया गया।

क्या प्रतीक यादव की मृत्यु पर कोई राजनीतिक आरोप लगाए गए हैं?

हाँ, समाजवादी पार्टी के एक विधायक ने मृत्यु के परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं और जांच की मांग की है। हालांकि, अभी तक कोई ठोस आरोप नहीं लगाया गया है और पुलिस औपचारिक जांच कर रही है। परिवार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।

16 टिप्पणि
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    Pranav Gopal मई 15, 2026 AT 04:01

    यह वास्तव में एक बहुत ही दुखद घटना है। हमें अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए और किसी भी तरह की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।

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    कमल कमल मई 15, 2026 AT 16:22

    अरे भाई, ये सब तो सिर्फ राजनीतिक खेल हैं। लोग मरते रहेंगे और पार्टियां वोट मांगती रहेंगी। मुझे लगता है कि यह पूरी घटना को इतना ड्रामा बनाने की जरूरत नहीं थी। हमेशा से ही यही चल रहा है कि जब कोई बड़ा नेता या उसका परिवार किसी समस्या का शिकार होता है, तो पूरा देश रोने लगता है। लेकिन सच कहूं तो, क्या हमने कभी गरीबों की मौत पर इसी तरह की सनसनी खड़ी की? नहीं ना! इसलिए मत सोचो कि यह कोई खास बात है। बस एक और नाम समाचार पत्रों में आ गया है।

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    harsh gupta मई 17, 2026 AT 15:58

    मुझे तो लगता है कि इस पीछे कुछ और छिपा है। 'पल्मोनरी एम्बोलिज्म' जैसे शब्द सुनकर लोग भूल जाते हैं कि असली कारण क्या हो सकता है। मेरे पास एक थ्योरी है कि शायद इसमें कोई साजिश हो सकती है। लेकिन चलो, जो हुआ सो हुआ।

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    Mukesh Katira मई 18, 2026 AT 19:18

    जीवन अस्थिर है। हमें स्वीकार करना चाहिए कि मृत्यु प्राकृतिक प्रक्रिया है।

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    Roop Kaur मई 20, 2026 AT 08:36

    ये सब तो सिर्फ दिखावा है। लोग जितना रो रहे हैं, उतना ही वे राजनीति से जुड़े हुए हैं। मुझे लगता है कि यह एक बड़ा षड्यंत्र है।

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    Ankita Bajaj मई 20, 2026 AT 17:46

    आइए, हम सभी मिलकर इस दुख को बांटें। हमारा सहयोग और समर्थन इस परिवार के लिए सबसे बड़ा साधन है।

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    Manish gupta मई 20, 2026 AT 23:29

    अरे यार, ये सब तो सिर्फ राजनीतिक ड्रामा है। लोग जितना रो रहे हैं, उतना ही वे राजनीति से जुड़े हुए हैं। मुझे लगता है कि यह एक बड़ा षड्यंत्र है।

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    Sanjay Kumar मई 22, 2026 AT 21:49

    यह एक कठिन समय है। हमें एक-दूसरे का साथ देना चाहिए और इस दुख को बांटना चाहिए।

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    Gaurav Jangid मई 23, 2026 AT 03:58

    ओह my god!!! 😱😱😱 ये तो बहुत ही दुखद खबर है!! मैं तो रो ही रहा हूँ!! 😢😢😢 क्या करें अब?? क्या करें?? 😭😭😭

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    Ghanshyam Gohel मई 24, 2026 AT 02:28

    यह एक बहुत ही गंभीर मामला है। हमें इसकी गंभीरता को समझना चाहिए।

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    Abhijit Pawar मई 24, 2026 AT 23:14

    यह एक बहुत ही दुखद घटना है।

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    lavanya tolati मई 26, 2026 AT 15:49

    मेरे दिल में दर्द है। यह बहुत ही दुखद खबर है।

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    srinivasan sridharan मई 27, 2026 AT 15:15

    यह एक बहुत ही दुखद घटना है। हमें इसकी गंभीरता को समझना चाहिए।

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    Anant Kamat मई 28, 2026 AT 05:41

    यह एक बहुत ही दुखद घटना है।

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    Indrani Dhar मई 29, 2026 AT 17:43

    ये सब तो सिर्फ राजनीतिक खेल हैं। लोग मरते रहेंगे और पार्टियां वोट मांगती रहेंगी। मुझे लगता है कि यह पूरी घटना को इतना ड्रामा बनाने की जरूरत नहीं थी। हमेशा से ही यही चल रहा है कि जब कोई बड़ा नेता या उसका परिवार किसी समस्या का शिकार होता है, तो पूरा देश रोने लगता है। लेकिन सच कहूं तो, क्या हमने कभी गरीबों की मौत पर इसी तरह की सनसनी खड़ी की? नहीं ना! इसलिए मत सोचो कि यह कोई खास बात है। बस एक और नाम समाचार पत्रों में आ गया है।

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    Nathan Lemon मई 31, 2026 AT 14:52

    यह एक बहुत ही दुखद घटना है। हमें अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए और किसी भी तरह की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।

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