केशव महाराज को पुरुष खिलाड़ी ऑफ द ईयर, नोनकुलुलेको म्लाबा ने चार इनाम जीते

केशव महाराज को पुरुष खिलाड़ी ऑफ द ईयर, नोनकुलुलेको म्लाबा ने चार इनाम जीते
Anindita Verma दिस॰ 4 14 टिप्पणि

दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा रात जब दो गेंदबाज़ ने एक ही रात में इतिहास रच दिया। 2024/25 Cricket South Africa (CSA) प्रोफेशनल अवॉर्ड्स इम्पीरर्स पैलेस, जोहान्सबर्ग के पूर्वी इलाके में आयोजित हुई, जहाँ केशव महाराज को पुरुष खिलाड़ी ऑफ द ईयर का खिताब मिला और नोनकुलुलेको म्लाबा ने चार अवॉर्ड्स जीतकर एक अनोखा रिकॉर्ड बना दिया। ये रात सिर्फ इनामों की बारिश नहीं थी — ये दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट के बदलते चेहरे की झलक थी।

स्पिन का सम्राट और नवयुवती का विजय यात्रा

34 साल के केशव महाराज ने पिछले सीज़न में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों स्तर पर अद्भुत प्रदर्शन किया। टेस्ट में 29 विकेट, T20I में 18 विकेट, और दक्षिण अफ्रीकी घरेलू टूर्नामेंट में भी लगातार बल्लेबाज़ों को फंसाते हुए उन्होंने अपनी गेंदबाज़ी की बारीकियों को दुनिया के सामने रखा। उनकी लेग-स्पिन ने न केवल विकेट लिए, बल्कि दबाव बनाए रखा — एक ऐसा गुण जो आजकल के टी-20 युग में दुर्लभ है।

लेकिन इस रात का सच्चा सितारा थी 25 साल की नोनकुलुलेको म्लाबा। एक बार फिर, दक्षिण अफ्रीकी महिला क्रिकेट ने दुनिया को दिखाया कि वो सिर्फ आगे बढ़ रही है — वो बाज़ी ले रही है। म्लाबा ने महिला खिलाड़ी ऑफ द ईयर, महिला T20I खिलाड़ी ऑफ द ईयर, महिला खिलाड़ियों द्वारा चुनी गई खिलाड़ी, और KFC द्वारा समर्थित बेस्ट डिलीवरी — चार अवॉर्ड्स जीते। ये उसकी पहली बार थी जब उसने टॉप अवॉर्ड जीता, लेकिन उसकी गेंदबाज़ी ने पहले ही से लोगों को चौंका दिया था।

किसने क्या जीता? अवॉर्ड्स की पूरी लिस्ट

पुरुष वर्ग में कागिसो रबादा को उनके साथी खिलाड़ियों द्वारा पुरुष खिलाड़ियों द्वारा चुनी गई खिलाड़ी का खिताब मिला — एक बेहद सम्मानजनक इनाम, जो सिर्फ खिलाड़ियों के वोट से तय होता है। इसके अलावा, नांड्रे बर्गर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ गुयाना में माइकाइल लुईस के विकेट के लिए KFC बेस्ट डिलीवरी अवॉर्ड जीता। ये गेंद इतनी तेज़ और बारीक थी कि बल्लेबाज़ ने बल्ला ही नहीं घुमाया।

महिला घरेलू क्रिकेट में अयांडा हलुबी ने दूसरे साल लगातार डिविजन 2 कोच ऑफ द ईयर का खिताब जीता। इसी तरह, अहमद अमला ने डिविजन 1 के लिए कोच का अवॉर्ड जीता।

बेटवे SA20 टूर्नामेंट के लिए जबकि मार्को जैनसन ने 19 विकेट लेकर SA20 बोल्वर ऑफ द ईयर और SA20 प्लेयर ऑफ द ईयर दोनों अवॉर्ड्स जीते, लेकिन टूर्नामेंट का चैंपियन एमआई केप टाउन बना। उनके बल्लेबाज़ ल्हुआन-डे प्रेटोरियस ने 397 रन बनाकर SA20 बैटर ऑफ द ईयर बने।

घरेलू क्रिकेट के नए चेहरे

इस सीज़न में घरेलू क्रिकेट ने नए नाम जन्म दिए। क्रिस्टोफर ब्रिट्ज़ (ईस्टर्न स्टॉर्म) ने T20 क्नॉकआउट में शानदार प्रदर्शन किया। एर्नेस्ट केम (नॉर्थर्न केप हीट) ने 4-दिन के डोमेस्टिक सीरीज़ में सबसे ज्यादा रन बनाए। जेरोम बॉस्र (ईस्टर्न केप लिन्याथी) ने वनडे कप में अपनी बल्लेबाज़ी से धमाका मचाया।

इन सबके बीच, लहुआन-डे प्रेटोरियस और मार्को जैनसन के बीच एक दिलचस्प बात है — एक ने टीम को चैंपियन बनाया, दूसरे ने अपनी टीम को रनर-अप बना दिया। लेकिन अवॉर्ड्स उस खिलाड़ी को मिले जिसने अपनी खेल की शक्ति दिखाई, चाहे टीम जीती या नहीं।

इनाम कैसे चुने गए? वोटिंग की प्रक्रिया

ये अवॉर्ड्स किसी एक रिपोर्ट या राय पर नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित प्रक्रिया से चुने गए। नेशनल सिलेक्टर्स, कोच, मीडिया प्रतिनिधि, और साथी खिलाड़ियों ने वोट डाले। बेस्ट डिलीवरी अवॉर्ड के लिए तो सिर्फ इंटरनेशनल मैचों में गेंदबाज़ी के तकनीकी प्रभाव को देखा गया।

ये एक ऐसा तरीका है जिससे अवॉर्ड्स की वैधता बनी रहती है। जब आपके साथी खिलाड़ी आपको बेस्ट खिलाड़ी कहते हैं, तो वो बात काफी बड़ी होती है।

CSA अवॉर्ड्स का इतिहास: एक परंपरा जो बनी है

CSA अवॉर्ड्स का ये सिर्फ एक रात नहीं, बल्कि एक परंपरा है जो कम से कम 2010 से चली आ रही है। पिछले सालों में फाफ डु प्लेसिस, डेन वैन नीकर्क, और क्विंटन डी कॉक जैसे बड़े नाम इन अवॉर्ड्स के विजेता रहे हैं। आज के रात के विजेता भी इसी लाइन में आते हैं — लेकिन अब ये लाइन बदल रही है।

महिला क्रिकेट के लिए ये सबसे बड़ी बात है। पिछले दशक में दक्षिण अफ्रीका के महिला खिलाड़ियों को अक्सर अनदेखा किया जाता था। आज, नोनकुलुलेको म्लाबा के चार अवॉर्ड्स ने एक संदेश भेजा: अब ये खेल बराबरी का खेल है।

क्या आगे होगा?

अगले सीज़न की तैयारी शुरू हो चुकी है। दक्षिण अफ्रीका के टीम को अगले साल वर्ल्ड कप के लिए तैयार करना होगा। केशव महाराज के लिए ये अवॉर्ड सिर्फ एक शुरुआत है — वो अब टीम के नेता के रूप में और जिम्मेदारी उठाएंगे। म्लाबा के लिए, ये शुरुआत है — अब वो एक नेता बनने की ओर बढ़ रही हैं।

घरेलू क्रिकेट में नए नामों के उभार से दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट के भविष्य का एक स्पष्ट चित्र बन रहा है। जब एक बच्चा इम्पीरर्स पैलेस में म्लाबा को इनाम देते देखे, तो उसकी आँखों में एक सपना जग गया — शायद वो अगली बार उसी चैंपियनशिप पर खड़ा होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केशव महाराज ने क्यों जीता ये अवॉर्ड?

केशव महाराज ने 2024/25 सीज़न में टेस्ट और T20I दोनों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 29 टेस्ट विकेट और 18 T20I विकेट लिए, जिसमें बड़े मैचों में भी अहम विकेट शामिल थे। घरेलू टूर्नामेंट में भी उनकी गेंदबाज़ी टीम के लिए निर्णायक साबित हुई। इन सबके आधार पर सिलेक्टर्स और खिलाड़ियों ने उन्हें पुरुष खिलाड़ी ऑफ द ईयर चुना।

नोनकुलुलेको म्लाबा ने चार अवॉर्ड्स कैसे जीते?

म्लाबा ने अपनी बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाज़ी से महिला क्रिकेट को नया आयाम दिया। उन्होंने टी-20 इंटरनेशनल में बल्लेबाज़ों को फंसाया, टीम के लिए अहम विकेट लिए, और बेस्ट डिलीवरी के लिए एक गेंद ऐसी फेंकी जिसे आईसीसी ने भी सराहा। उनके चारों अवॉर्ड्स खिलाड़ियों, कोचों और मीडिया के वोट से जीते गए, जो उनकी अनूठी भूमिका को दर्शाता है।

SA20 टूर्नामेंट का चैंपियन कौन बना?

मार्को जैनसन की टीम सनराइजर्स ईस्टर्न केप रनर-अप रही, लेकिन चैंपियन एमआई केप टाउन बनी। उन्होंने फाइनल में 10 विकेट लेकर जीत दर्ज की। इस टूर्नामेंट में ल्हुआन-डे प्रेटोरियस ने 397 रन बनाए और बैटर ऑफ द ईयर बने, जबकि जैनसन ने 19 विकेट लेकर बोल्वर ऑफ द ईयर का खिताब जीता।

महिला क्रिकेट के लिए ये अवॉर्ड्स क्यों महत्वपूर्ण हैं?

पिछले दशक में महिला क्रिकेट को अक्सर अनदेखा किया जाता था। म्लाबा के चार अवॉर्ड्स ने ये संदेश भेजा कि अब महिला खिलाड़ियों का योगदान पहचाना जा रहा है। ये अवॉर्ड्स न सिर्फ उनके लिए बल्कि भविष्य की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं — जो अब जानती है कि अगर वो अच्छा खेलेंगी, तो उन्हें भी इनाम मिल सकता है।

क्या इस अवॉर्ड्स के बाद कोई टीम बदलाव होगा?

हाँ। केशव महाराज को अब टीम के नेतृत्व की जिम्मेदारी दी जा सकती है, खासकर जब टीम नए कप्तान की तलाश में है। म्लाबा के लिए, ये अवॉर्ड उन्हें महिला टीम के विकेटकीपर के रूप में और जिम्मेदारी देने की ओर ले जा सकता है। घरेलू खिलाड़ियों के उभार से अगले सीज़न में टीम के संरचना में बदलाव आ सकता है।

इम्पीरर्स पैलेस क्यों चुना गया?

इम्पीरर्स पैलेस जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका का एक प्रमुख आयोजन स्थल है। यहाँ पहले भी कई बड़े क्रिकेट अवॉर्ड्स और खेल आयोजन हुए हैं। इसका आधुनिक वातावरण, बड़ी क्षमता और शहर के केंद्र से निकटता इसे आदर्श बनाती है। इसके अलावा, यहाँ के स्थानीय समुदाय के लिए ये एक गर्व का प्रतीक भी है।

14 टिप्पणि
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    Boobalan Govindaraj दिसंबर 6, 2025 AT 09:06

    वाह भाई ये तो बड़ी बात है! महाराज और म्लाबा दोनों ने अपनी मेहनत से दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट को नया रूप दिया है। ऐसे खिलाड़ी देखकर लगता है कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, जीवन का हिस्सा है।

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    mohit saxena दिसंबर 7, 2025 AT 00:52

    म्लाबा की लेग स्पिन तो बस जादू है। बाएं हाथ की स्पिनर्स अक्सर नजरअंदाज होती हैं, लेकिन ये लड़की ने दुनिया को दिखा दिया कि टैलेंट का कोई लिंग नहीं होता।

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    Sandeep YADUVANSHI दिसंबर 7, 2025 AT 18:08

    ये सब तो बहुत अच्छा है, लेकिन भारत में कोई ऐसा खिलाड़ी है जो चार अवॉर्ड जीते हो? नहीं न? तो फिर ये बातें क्यों बढ़ा रहे हो? हमारा क्रिकेट तो बस बोरिंग होता जा रहा है।

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    nithin shetty दिसंबर 9, 2025 AT 07:27

    म्लाबा की बॉलिंग रेट और एक्सिटमेंट लेवल देखकर लगता है कि वो टी-20 के लिए बनी है। लेकिन क्या उसकी टेस्ट प्रदर्शन भी उतना ही अच्छा है? कोई डेटा है क्या?

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    Aman kumar singh दिसंबर 9, 2025 AT 16:44

    ये दक्षिण अफ्रीका की कहानी है, लेकिन इसका संदेश हम सबके लिए है। जब एक लड़की चार अवॉर्ड जीत ले, तो ये बताता है कि अगर तुम्हारा दिल बहुत बड़ा है, तो तुम कुछ भी बन सकते हो। इसे अपने बच्चों को समझाओ।

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    UMESH joshi दिसंबर 11, 2025 AT 16:24

    इनाम तो बस एक निशान है। असली बात तो ये है कि एक खिलाड़ी कैसे अपने अंदर के डर को जीतता है। महाराज ने 34 की उम्र में अपनी गेंदबाज़ी को नया आयाम दिया - ये तो जीवन का सबक है। कभी हार मत मानो।

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    pradeep raj दिसंबर 12, 2025 AT 01:07

    इस अवॉर्ड से जुड़े विविधता के सामाजिक और सांस्कृतिक आयामों को गहराई से समझना जरूरी है। महिला खिलाड़ियों के लिए इनाम का वितरण एक गैर-समान अवसर संरचना के खिलाफ एक निर्णायक चरण है, जिसने पिछले दशकों में उनके योगदान को निरंतर अवहेलित किया है। यह एक नए नैतिक और नैतिक ढांचे की शुरुआत है।

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    Vishala Vemulapadu दिसंबर 12, 2025 AT 04:43

    हे भगवान, ये सब बहुत अच्छा है, लेकिन अगर ये अवॉर्ड्स वोटिंग से नहीं बल्कि बेंचमार्क डेटा से आए हों तो और अच्छा होता। और फिर ये 'बेस्ट डिलीवरी' वाला अवॉर्ड? ये तो बस वीडियो एडिटिंग का खेल है।

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    M Ganesan दिसंबर 14, 2025 AT 01:12

    ये सब फेक न्यूज़ है। दक्षिण अफ्रीका का क्रिकेट तो हमेशा से ही बहुत अच्छा रहा है, लेकिन अब ये सब बस एक राजनीतिक अभियान है। और ये म्लाबा? वो तो बस एक रंगीन लड़की है, जिसे बाहर से लाया गया है।

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    ankur Rawat दिसंबर 14, 2025 AT 09:06

    ये रात बस इनामों की बारिश नहीं थी - ये एक नए युग की शुरुआत थी। जब एक लड़की चार अवॉर्ड जीतती है, तो उसकी आँखों में देखो, वो एक नई पीढ़ी का सपना लिए आ रही है। हम सबको उसके साथ चलना चाहिए।

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    Vraj Shah दिसंबर 16, 2025 AT 06:08

    महाराज का तो बहुत बढ़िया प्रदर्शन रहा, लेकिन अब टीम को अगले लेवल पर ले जाना होगा। म्लाबा के लिए तो अब ये बस शुरुआत है - अगला स्टेप टीम कैप्टन बनना होगा।

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    Kumar Deepak दिसंबर 18, 2025 AT 03:50

    अच्छा तो अब दक्षिण अफ्रीका के लिए महिला क्रिकेट का इतिहास बन गया? भारत में तो महिलाओं को अभी भी टीम बैग नहीं मिलते, बस टी-20 में दिखाया जाता है। ये अवॉर्ड्स तो बस एक फोटो शूट है।

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    Ganesh Dhenu दिसंबर 18, 2025 AT 06:09

    केशव के लेग स्पिन और म्लाबा की बाएं हाथ की गेंदबाज़ी देखकर लगता है कि ये खेल अब बहुत जटिल हो गया है। बहुत सारे नए टैक्टिक्स, बहुत सारे नए नाम। लेकिन असली क्रिकेट तो वो है जब बल्ला और गेंद एक साथ आते हैं।

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    Boobalan Govindaraj दिसंबर 20, 2025 AT 04:30

    वो लड़की जिसने चार अवॉर्ड जीते - उसकी बात सुनकर मुझे अपने बेटे के बारे में याद आया। उसने कहा - 'पापा, मैं भी ऐसा खिलाड़ी बनूंगा।' तो मैंने उसे एक गेंद दी। अब वो रोज खेलता है।

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