सोने की कीमत ₹1.22 लाख का पार, चांदी के दाम में पतेली उछाल – 9‑10 अक्टूबर 2025 की ताज़ा रिपोर्ट

सोने की कीमत ₹1.22 लाख का पार, चांदी के दाम में पतेली उछाल – 9‑10 अक्टूबर 2025 की ताज़ा रिपोर्ट
Anindita Verma अक्तू॰ 10 11 टिप्पणि

जब AngelOne.in ने 9 अक्टूबर 2025 को जारी की आधिकारिक दरें सामने रखीं, तो सोना की कीमत 10 ग्राम पर लगभग ₹1,22,000 तक पहुँच गई – यह साल‑दर‑साल का बड़ा उछाल था। उसी दिन नई दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में अलग‑अलग कैरेट के अनुसार कीमतें अलग‑अलग दर्ज हुईं। उसी समय ABP Live ने 10 अक्टूबर की अपडेट से दिखाया कि 24 कैरेट सोने का भाव ₹133,749 तक उछला। इन दो स्रोतों के बीच छोटे‑छोटे अंतर, डीलर मार्जिन और कर‑शुल्क के कारण समझाए जा सकते हैं, पर मुख्य बात यह है कि निवेशकों और गहना‑खरीदारों के लिए बाजार का माहौल अब पहले से ज़्यादा तीव्र हो गया है।

इस हफ्ते की कीमतों का सारांश

9 अक्टूबर को दो प्रमुख प्लेटफ़ॉर्म – AngelOne और ABP Live – ने निम्नलिखित आंकड़े प्रकाशित किए:

  • 24 कैरेट सोना: Delhi ₹1,22,430 / Mumbai ₹1,22,640 / Bengaluru ₹1,22,740 प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना: Delhi ₹1,12,228 / Mumbai ₹1,12,420 / Bengaluru ₹1,12,512 प्रति 10 ग्राम
  • 20 कैरेट सोना: Delhi ₹1,02,025 / Mumbai ₹1,02,200 / Bengaluru ₹1,02,283 प्रति 10 ग्राम
  • 18 कैरेट सोना: Delhi ₹91,823 / Mumbai ₹91,980 / Bengaluru ₹92,055 प्रति 10 ग्राम
  • सिल्वर 999: लगभग ₹1,48,460 प्रति किलोग्राम

एक सप्ताह पहले, 2 अक्टूबर को 24 कैरेट का मूल्य ₹1,20,500 पर था, तो इस बीच केवल दस दिन में कीमतें लगभग 1.2 % बढ़ी हैं।

शहर‑दर‑शहर कीमतों की तुलना

दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में छोटे‑छोटे अंतर अक्सर स्थानीय डीलर‑मार्जिन, ट्रांसपोर्ट लागत और इनपुट टैक्स पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, बेंगलुरु में 24 कैरेट की कीमत ₹310 से अधिक क्यों? क्योंकि यहाँ कई बड़े ज्वैलरी हॉल अधिक विदेशी मुद्रा आवक से जुड़ी हैं और उनका मार्जिन थोड़ा ऊँचा है। दूसरी ओर, दिल्ली की कीमतें राष्ट्रीय स्तर पर स्थिर रहती हैं, क्योंकि यहाँ कई सरकारी एजेंसियाँ सोने की बॉन्ड बिक्री करती हैं, जो कीमत को संतुलित रखने में असर डालती हैं।

साल‑दर‑साल सोना‑चांदी कीमतों में उछाल

2024 के इसी दिन (9 अक्टूबर 2024) 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,05,000 पर था। यानी एक साल में 15 % की बढ़ोतरी हुई। इसी दौरान चांदी का मूल्य ₹96,000 पर था, जब आज यह ₹1,48,460 पर पहुंच गया – 54 % का उछाल, जो बाजार विशेषज्ञों को आश्चर्यचकित कर रहा है।

पर्यवेक्षक डॉ. समीरा गुप्ता, जो इंडियन इकॉनॉमिक्स रिसर्च इंस्टिट्यूट में नीतियों के सलाहकार हैं, ने कहा: “वैश्विक ब्याज दरों में गिरावट, यूएस डॉलर का दुर्बल होना और भारत में मौसमी मांग, विशेषकर दिवाली‑दीवाली और दशहरा के सीजन में, इन दोनों धातुओं को फायदे में ले जा रहा है।”

उपभोक्ता सलाह और बाजार में धोखाधड़ी की चेतावनी

उपभोक्ता सलाह और बाजार में धोखाधड़ी की चेतावनी

यूट्यूब पर कई वित्तीय चैनल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अवांछित कीमतों की वृद्धि के बीच खुदरा ग्राहक को सावधानी बरतनी चाहिए। एक लोकप्रिय वीडियो (टाइमस्टैम्प 258‑316) में बताया गया कि 10 ग्राम सोने का वर्तमान ट्रेडिंग कीमत ₹89,700 हो सकती है, जबकि कुछ डीलर इसे ₹1,22,000 तक बढ़ा दिखा रहे हैं। सलाह का मूल मंत्र – “हॉलमार्क देखें, प्रमाणपत्र मांगें, और कई डीलर से दरें तुलना करें।”

एक और वीडियो (कोड pTgMvh‑1QTc) ने उल्लेख किया कि चांदी की कीमत दो महीनों में ₹80,000 से बढ़कर ₹145,000 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। यह तेज़ उछाल दिखाता है कि न केवल सोना, बल्कि चांदी भी निवेश की नज़र में है। परंतु, इस दौर में धातु‑थोक बाजार में “डबल‑डिज़ाइन” की स्कैमिंग रिपोर्टें बढ़ी हैं, जहाँ नकली हॉलमार्क वाले बर्तन और कस्टम‑डिज़ाइन सोना बेचा जा रहा है।

भविष्य के रुझान और विशेषज्ञों की उम्मीदें

आगामी महीनों में, यदि RBI का मौद्रिक नीति रवैया स्थिर रहता है और अंतर्राष्ट्रीय तेल मूल्यों में बड़ी गिरावट नहीं आती, तो सोना‑चांदी दोनों की कीमतें अभी भी ऊपर की ओर धकेल सकती हैं। वहीं, अगर वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है (उदाहरण के लिए, भू‑राजनीतिक तनाव या टॉप‑टिकट इन्फ्लेशन), तो निवेशक सुरक्षित एसेट की तलाश में फिर से सोने की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे कीमतें और भी तेज़ी से बढ़ेंगी।

डिजिटल गोल्ड प्लेटफ़ॉर्म जैसे कि Paytm Gold और PhonePe Gold भी इस साल के अंत तक 10 ग्राम सोने के लिए ₹1,25,000‑पर्यंत शुल्क रख रहे हैं, जो फिजिकल खरीदारी की तुलना में थोड़ा अधिक है, लेकिन सुरक्षा और सहजता का फायदा देता है। इसका मतलब है कि भविष्य में ऑनलाइन‑गोल्ड बाजार की हिस्सेदारी बढ़ेगी, और फिजिकल रिटेलर को अपने मार्जिन को और प्रतिस्पर्धी बनाना पड़ेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिवाली के दौरान सोने‑चांदी की कीमतें क्यों बढ़ती हैं?

त्योहारी सीजन में उपहार‑खरीदारी और आभूषणों की मांग में जबरदस्त वृद्धि होती है। इसके साथ ही निवेशकों को सुरक्षित एसेट की जरूरत महसूस होती है, इसलिए इस अवधि में सोना‑चांदी दोनों के ट्रेडिंग वॉल्यूम में दो‑तीन गुना उछाल देखी जाती है।

क्या ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर सोना खरीदना सुरक्षित है?

ज्यादातर बड़े पेमेंट ऐप्स ने सरकारी अनुमति और प्रमाणित भंडारण सुविधा हासिल कर ली है। इसलिए डिजिटल गोल्ड में निवेश करना भरोसेमंद माना जाता है, परन्तु शुल्क और डिलीवरी टाइम को ध्यान में रखते हुए तुलनात्मक मूल्य निर्धारण आवश्यक है।

चांदी की कीमत में इतना बड़ा उछाल क्यों हुआ?

चांदी का उपयोग औद्योगिक, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सौर पैनलों में बहुत होता है। जब वैश्विक आपूर्ति में कमी और निवेशकों की सुरक्षित एसेट की तलाश दोनों साथ‑साथ होते हैं, तो कीमतें तेज़ी से बढ़ती हैं।

डिज़ाइन‑छल और नकली हॉलमार्क से कैसे बचें?

कोई भी ज्वैलरी खरीदते समय सरकारी अनुमोदित बोरियल प्रमाणपत्र देखें, सर्टिफ़ाइड टेस्टिंग लैब की रिपोर्ट माँगें और कई भरोसेमंद डीलर से कीमतें तुलना करें। स्थानीय बॉक्स में लिखी गयी सिरीयल नंबर को आधिकारिक पोर्टल पर जांचें।

आने वाले महीने में सोने‑चांदी की कीमतें स्थिर रहेंगी या गिरेंगी?

विश्लेषकों की औसत राय यह है कि यदि वैश्विक ब्याज दरें मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं और भारत में मौसमी मांग जारी रहती है, तो कीमतें कम से कम अगले दो‑तीन महीनों में ऊपर की दिशा में ही रहेंगी।

11 टिप्पणि
  • img
    Shailesh Jha अक्तूबर 10, 2025 AT 02:40

    सोने की कीमत में इस साल हुई जबरदस्त बढ़ोतरी, 10 ग्राम पर ₹1.22 लाख, यह एक मजबूत बुलिश सिग्नल है। निवेशकों को अब पोर्टफोलियो में गोल्ड एसेट का वाटरमार्क बढ़ाना चाहिए। तकनीकी रूप से देखी तो एटीएम लिक्विडिटी और डेरिवेटिव प्राइसिंग दोनों में प्रीमियम की लहर दिख रही है। साथ ही, रैसलर प्रोफाइल्स से पता चलता है कि डेडलाइन-ट्रेडिंग में मार्जिन ऑप्टिमाइजेशन जरूरी है। इसलिए, क्वांट स्ट्रैटेजी अपनाकर रिटर्न को अधिकतम करना चाहिए।

  • img
    harsh srivastava अक्तूबर 18, 2025 AT 17:26

    बेहतर डील पाने के लिये कई शहरों में रिटेलर की मार्जिन की तुलना करो एक ही दिन में दिल्ली मुम्बई बेंगलुरु के दाम थोड़े अलग हैं लेकिन बेसलाइन लगभग समान है इसलिए आप भरोसेमंद डीलर से हॉलमार्क और सर्टिफिकेट देख कर ले सकते हैं क्योंकि तीसरे पक्ष की जांच से स्कैम से बचाव होता है यह सुनिश्‍चित करे कि आप कई ऑफ़र का बेंचमार्क बनाते हैं ताकि ऑवरपेजिंग से बचा जा सके

  • img
    Praveen Sharma अक्तूबर 27, 2025 AT 07:13

    सोना और चांदी दोनों की कीमतें ऊपर जा रही हैं इसलिए अगर आप बचत को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो इन धातुओं में थोड़ा हिस्सा लगाना समझदारी है। ध्यान रखो कि ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म का टैक्स और चार्ज अलग हो सकते हैं इसलिए प्राइस को नेट गेम के साथ देखो।

  • img
    deepak pal नवंबर 4, 2025 AT 21:59

    वाह भाई 😮 आजकल सोना इतना महँगा हो गया है, देखो 10 ग्राम पर एक लाख दो सौ हजार! अगर ज्वैलरी खरीदनी है तो डीलर की रिलायबिलिटी चेक करो, नहीं तो बाद में पछताओगे 😂

  • img
    KRISHAN PAL YADAV नवंबर 13, 2025 AT 12:45

    मार्केट एनालिटिक्स से स्पष्ट है कि डिमांड-साइड फुर्तीले फाइनेंस प्रोफेशनल्स को हाई‑लीक्विड एसेट क्लासेस जैसे गोल्ड में एंट्री करने को प्रेरित कर रहा है। यील्ड कर्व की इन्वर्स मोमेंटम और फ़्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स की रोल‑ओवर स्ट्रेटेजी दोनों को समन्वयित करके बेहतर पोर्टफोलियो हेजिंग हासिल की जा सकती है।

  • img
    ಹರೀಶ್ ಗೌಡ ಗುಬ್ಬಿ नवंबर 22, 2025 AT 03:31

    इधर सब लोग सोने में बूबा हो रहे हैं, लेकिन अगर आप लास्ट‑मिनिट में रिटेल एरिया में बाथरूम में टैंगो देखोगे तो पता चलेगा कि कीमतें इतनी बढ़ी हैं कि लोग थर्ड‑पार्टी मार्केट में फेक गिफ़्ट्स बेच रहे हैं, इसलिए ज़्यादा एंट्री मत करो।

  • img
    Vasumathi S नवंबर 30, 2025 AT 18:17

    सोने और चांदी की वर्तमान कीमतों का विस्तार से विश्लेषण करना आवश्यक है, क्योंकि ये मात्र आर्थिक संकेतक नहीं बल्कि व्यापक वित्तीय परिप्रेक्ष्य को प्रतिबिंबित करती हैं। पहले यह समझना चाहिए कि 2024 की तुलना में 2025 में सोने की 15 % की वृद्धि और चांदी की 54 % की उछाल वैश्विक मौद्रिक नीति के बदलावों के साथ कैसे संरेखित होती है। प्रथम, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएँ डॉलर को कमजोर करती हैं, जिससे कमॉडिटी जैसी सोने की कीमतें स्वाभाविक रूप से बढ़ती हैं। द्वितीय, भारत में दिवाली और दशहरा जैसे त्योहारी सीजन का प्रभाव वस्तु‑विनिमय पर स्पष्ट है, क्योंकि उपभोक्ताओं की गहना‑खरीदारी में तीव्र वृद्धि होती है। तृतीय, घरेलू विज्ञापन एजेंसियों की रिपोर्ट दर्शाती है कि डिजिटल गोल्ड प्लेटफ़ॉर्म के उपयोग में 30 % की वार्षिक वृद्धि देखी गई है, जिससे फिजिकल मार्केट पर दबाव बढ़ रहा है। चतुर्थ, RBI की मौद्रिक नीति में स्थिरता निवेशकों को सुरक्षित एसेट की ओर मोड़ती है, जिससे गोल्ड ETFs और फिजिकल गोल्ड दोनों की मांग में सहवर्द्धन होता है। पंचम, वैश्विक तेल मूल्य में अस्थिरता के कारण कई देशों में फॉसिल‑फ्यूल‑इंडस्ट्री की लागत बढ़ी है, अतः निवेशक वैकल्पिक संरक्षित एसेट्स की तलाश में हैं। षष्ठ, चांदी की औद्योगिक उपयोगिता, विशेषकर सौर पैनलों और इलेक्ट्रॉनिक्स में, पर्याप्त मांग पैदा कर रही है, जिससे उसका स्पॉट प्राइस बढ़ रहा है। सातवां, भारतीय ज्वैलरी मार्केट में "डबल‑डिज़ाइन" स्कैम की घटनाएं उपभोक्ता चेतना को बढ़ा रही हैं, इसलिए प्रमाणपत्र और बोरियल रिपोर्ट का महत्व दो गुना हो गया है। अष्टम, कर‑शुल्क नीतियों में परिवर्तन, विशेषकर आयकर में स्वर्ण निवेश के लिए छूट, निवेशकों के व्यवहार को प्रोत्साहित करता है। नवम, वैल्यु‑एडेड टैक्स (VAT) की दरों में स्थिरता रिटेलर को मार्जिन प्रतिस्पर्धा में लचीला बनाती है। दशवां, विदेशी मुद्रा आवक में वृद्धि, विशेषकर यूएई और सिंगापुर से, स्थानीय बाजार की तरलता को सुदृढ़ करती है। एकादश, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लेन‑देन की सुरक्षा में सुधार, जैसे टोकनाइजेशन और ब्लॉकचेन‑आधारित लेज़र, विश्वास को बढ़ाता है। द्वादश, भविष्य के अनुमान दर्शाते हैं कि यदि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती रहती है, तो सोने की कीमतें और भी ऊँची दिशा में जा सकती हैं। तेरहवां, इन सभी कारकों का सम्मिलित प्रभाव यह दर्शाता है कि निवेशकों को विविधीकरण के साथ जोखिम प्रबंधन रणनीतियों को अपनाना चाहिए। चौदहवां, व्यक्तिगत निवेशक के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह दीर्घकालिक दृष्टिकोण रखे और अल्पकालिक मूल्य उतार‑चढ़ाव से प्रभावित न हो। अंतिम, समग्र रूप से, सोने‑चांदी के मूल्य उछाल का निरंतर विश्लेषण करना और बाजार के सूक्ष्म संकेतों को समझना वित्तीय स्थिरता के लिए अनिवार्य है।

  • img
    Anant Pratap Singh Chauhan दिसंबर 9, 2025 AT 09:03

    डिजिटल गोल्ड की फीस भौतिक गोल्ड से थोड़ी अधिक है, लेकिन सुरक्षा में फ़ायदा स्पष्ट है। अगर आप बार‑बार खरीद‑बेच करते हैं तो नेट कॉस्ट का हिसाब रखें।

  • img
    Mahima Rathi दिसंबर 17, 2025 AT 23:50

    उफ़ 😒 फिर भी वही पुरानी धुंधली रिपोर्ट, कोई नई बात नहीं 🙄

  • img
    Jinky Gadores दिसंबर 26, 2025 AT 14:36

    इन सब आंकड़ों में गहराई नहीं दिखती लोगों की जिंदगी में असली तनाव तो इस कीमत से बँट जाता है और निवेश का तनाव बढ़ जाता है इसलिए सिर्फ आँकड़े नहीं बल्कि भावनात्मक दवाब भी समझना चाहिए

  • img
    Vishal Raj जनवरी 4, 2026 AT 05:22

    सभी विश्लेषकों ने कहा कि अगर RBI की नीति बदलती नहीं तो सोना हल्का ऊपर ही जाएगा लेकिन वास्तव में मार्केट में असली खिलाड़ी वो हैं जो लिक्विडिटी प्रॉवाइडर्स होते हैं और उनका असर अक्सर अनदेखा रह जाता है

एक टिप्पणी लिखें

आपकी ईमेल आईडी प्रकाशित नहीं की जाएगी. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

*