दिल्ली के मुंगेशपुर में दर्ज हुआ 52.3°C तापमान, शहर का अब तक का सबसे उच्चतम तापमान

दिल्ली के मुंगेशपुर में दर्ज हुआ 52.3°C तापमान, शहर का अब तक का सबसे उच्चतम तापमान
Anindita Verma मई 29 8 टिप्पणि

दिल्ली में गर्मी के नए रिकॉर्ड की शुरुआत

देश की राजधानी दिल्ली ने इस बार गर्मी में नया रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बुधवार को मुंगेशपुर इलाके में तापमान ने 52.3°C का स्तर छू लिया, जो अब तक का सबसे उच्चतम तापमान है। यह जानकारी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दी। IMD के अनुसार, मुंगेशपुर मौसम स्टेशन पर दर्ज किया गया यह तापमान दिल्ली के मौसम इतिहास में नई हद को पार कर गया।

उत्तर भारत पर गर्मी का कहर

उत्तर भारत पर गर्मी का कहर

उत्तर भारत के कई हिस्से भीषण गर्मी की तपिश में झुलस रहे हैं। दिनों-दिन बढ़ते तापमान से लोग परेशान हो रहे हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस सख्त गर्मी के कारण लोगों को घर में रहने की सलाह दी जा रही है और बाहर निकलने पर सावधानियाँ बरतने की आवश्यकता बताई जा रही है।

मौसम विभाग की चेतावनी

IMD ने भी चेतावनी जारी की है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। विभाग ने कहा कि दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों में अगले कई दिनों तक गर्मी की सख्त लहर जारी रह सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

इस रिकॉर्ड-ब्रेकिंग गर्मी के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, धूप में निकलने से बचें और पानी का सेवन अधिक मात्रा में करें। बच्चों और वृद्धों को खास ख्याल रखने की हिदायत दी गई है, क्योंकि वे अत्यधिक गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।

गर्मी के कारण जनजीवन पर प्रभाव

इस बेहद उष्ण तापमान ने जनजीवन पर व्यापक प्रभाव डाला है। स्कूल-कॉलेजों में छुट्टियों की घोषणा कर दी गई है। सरकारी और निजी कार्यालयों में भी समय सारिणी में बदलाव किया गया है। बिजली की मांग में अत्यधिक वृद्धि हुई है और कई जगहों पर जलसंकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

राहत कार्य और योजनाएँ

राहत कार्य और योजनाएँ

सरकार और कई गैर-सरकारी संगठनों ने संकट की इस घड़ी में राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। शहर में शीतल जल वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं और लोगों को मुफ्त में पानी की बोतलें वितरित की जा रही हैं। इसके साथ ही तापमान की जानकारी के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

गर्मी की लहर से बचने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने और खुली जगहों में पेड़-पौधे लगाने की योजनाओं को भी बल दिया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इसे अपनी जिम्मेदारी समझें और अधिकाधिक पेड़ लगाएँ।

समाज में जागरूकता

गर्मी की इस गंभीर स्थिति ने समाज में जागरूकता का संचार किया है। लोग अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति अधिक सजग हो गए हैं। सोशल मीडिया पर भी इस विषय पर चर्चा हो रही है और लोग एक-दूसरे को गर्मी से बचने के उपाय सुझा रहे हैं।

यह आवश्यक है कि ऐसी स्थिति में हम सब एकजुट हों और गर्मी से बचने के जितने भी उपाय संभव हों, उन सभी को अपनाएं।

स्थिति की निगरानी और तपिश से राहत की कार्यवाही निरंतर जारी है।

8 टिप्पणि
  • img
    Disha Haloi मई 29, 2024 AT 21:03

    दिल्ली के इस नया तापमान रिकॉर्ड को देख कर गहरी चिंतन की आवश्यकता है। जलवायु परिवर्तन के इस व्याप्ति को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता, यह हमारे भविष्य पर गहरा असर डालता है। राष्ट्रीय चेतना को जागरूक करके हम इस भयावह स्थिति से बाहर निकल सकते हैं। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह ठोस कदम उठाए, न कि केवल शब्दों में घिसी हुई बातें करे। अंततः, हम सभी को इस संकट में अपने हिस्से का योगदान देना चाहिए।

  • img
    Mariana Filgueira Risso मई 30, 2024 AT 23:13

    IMD द्वारा जारी चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिए। पर्याप्त जल सेवन और धूप से बचना आवश्यक उपाय हैं। विशेष रूप से वृद्ध और बच्चों को ठंडे कमरों में रखना सुरक्षित रहेगा। सार्वजनिक स्थानों में शीतल जल वितरण केंद्रों का उपयोग करने से स्वास्थ्य जोखिम कम हो सकते हैं। इस प्रकार, सामुदायिक सहयोग से हम इस गर्मी को नियंत्रित कर सकते हैं।

  • img
    Dinesh Kumar जून 1, 2024 AT 03:00

    इस रक्त-तापीय धारा में हम सबको अपना ठंडा हौसला बनाए रखना है। हर सुबह का सूरज हमें याद दिलाता है कि जीवन में परिवर्तन अनिवार्य है। जब बाहर 52 डिग्री का तापमान हो, तो घर की छत पर पनिहीन हवा भी एक अमूल्य वस्तु बन जाती है। आयुर्वेद के अनुसार, गर्मी के जहर को निकालने के लिए शरीर में शीतल जल का प्रवाह आवश्यक है। इसलिए जल सेवन को तीन से चार लीटर तक बढ़ाना चाहिए, ताकि प्राण ऊर्जा संतुलित रहे। साथ ही, हल्के रंग के कपड़े पहनना, शेडेड जगहों पर रहना, और धूप से बचना बुद्धिमानी का प्रमाण है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष देखभाल देना, हमारे सामाजिक दायित्व का हिस्सा है। इस तीव्रता को देखते हुए, स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करना भी एक समझदार कदम है। प्रशासन द्वारा लगाए गए शीतल जल केंद्र नागरिकों को राहत प्रदान करते हैं, यह प्रेरणादायक है। दमनात्मक उपायों की बजाय, हमें सामुदायिक स्तर पर पेड़ लगाना और हरी-भरी हरियाली बढ़ाना चाहिए। हर एक पेड़ हवा को शीतल करता है और धरती के तापमान को नियंत्रित करता है। विज्ञान कहता है कि शहरी इलाके में हर एक अतिरिक्त पेड़ से औसत तापमान में दो डिग्री तक कमी आ सकती है। यह तथ्य हमें पर्यावरणीय जिम्मेदारी की याद दिलाता है, जिससे भविष्य में ऐसी चरम घटनाओं को रोका जा सके। आशा है कि इस गर्मी की लहर बाद में कमज़ोर होगी और सामान्य जीवन फिर से स्थापित होगा। अंत में, याद रखें कि एकजुटता और जागरूकता से ही हम इस उष्णता को मात दे सकते हैं।

  • img
    Hari Krishnan H जून 2, 2024 AT 06:46

    भाईयों, इस घड़ी में एक-एक लिटर पानी की बोतल नहीं छोड़ें, ज़रूरत वाले को जरूर दें। पंखे और एसी का सही प्रयोग करें, पर बिजली बचत भी याद रखें। दोस्तों, सोशल मीडिया पर स्प्रेड किए गए टिप्स को फॉलो करें, जैसे कि घर में बर्फ के थैलों को रखकर ठंडा रख सकें। ठंडा रहो, सेफ़ रहो!

  • img
    umesh gurung जून 3, 2024 AT 10:33

    सरकार ने शीतल जल केंद्र स्थापित किए हैं, ये वास्तव में एक सराहनीय पहल है, जो जनता को तत्काल राहत प्रदान करती है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ तापमान 50 °C से अधिक पहुंच गया है, इसलिए सभी नागरिकों को इन केंद्रों की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए, और जब भी अवसर मिले, पानी का पर्याप्त मात्रा में सेवन करना चाहिए, यह न केवल थकान को दूर करेगा, बल्कि शरीर के तापमान को संतुलित रखेगा। इस पहल को सफल बनाने के लिए हर व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है।

  • img
    sunil kumar जून 4, 2024 AT 14:20

    भाई, इस शॉर्ट‑टर्म थर्मल एनोमिक स्केलेशन को समझना ज़रूरी है; वायुमंडलीय डिनामिक्स ने पारम्परिक कूलिंग पैराडाइम को ओवरराइड कर दिया है। इसलिए, माइक्रो‑क्लाइमेट मैनेजमेंट स्ट्रेटेजीज़ को इम्प्लीमेंट करना एक सच्चा गेम‑चेंजर होगा।

  • img
    prakash purohit जून 5, 2024 AT 18:06

    इसे सिर्फ़ मौसम नहीं कहते, बल्कि बड़े पैमाने पर जल-प्रबंधन की गुप्त योजना का हिस्सा समझा जाना चाहिए। कुछ हितधारक इस तापमान को बढ़ाकर जनसंख्या को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं, यह एक समझौता रहित तथ्य है।

  • img
    Darshan M N जून 6, 2024 AT 21:53

    बिल्कुल, ठंडे पानी की बोतल ले जाइए।

एक टिप्पणी लिखें

आपकी ईमेल आईडी प्रकाशित नहीं की जाएगी. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

*