कैमरून ग्रीन ने 47 गेंदों में शतक जड़कर ऑस्ट्रेलिया का दूसरा सबसे तेज वनडे शतक रिकॉर्ड बनाया

कैमरून ग्रीन ने 47 गेंदों में शतक जड़कर ऑस्ट्रेलिया का दूसरा सबसे तेज वनडे शतक रिकॉर्ड बनाया
Anindita Verma नव॰ 22 20 टिप्पणि

जब कैमरून डोनाल्ड ग्रीन ने 24 अगस्त 2025 को मैके के ग्रेट बैरियर रीफ एरिना में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे मैच की शुरुआत की, तो कोई नहीं सोच सकता था कि यह दिन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय लिख देगा। 25 साल के युवा ऑलराउंडर ने सिर्फ 47 गेंदों में शतक जड़कर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का दूसरा सबसे तेज वनडे शतक रिकॉर्ड बना दिया। और ये सिर्फ शुरुआत थी।

एक अप्रत्याशित पदोन्नति, एक अद्भुत पारी

मैच से कुछ ही घंटे पहले, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने ग्रीन को नंबर 3 पर बल्लेबाजी के लिए उतारा। यह फैसला कई विश्लेषकों के लिए आश्चर्यजनक था — ग्रीन तो अक्सर नंबर 5 या 6 पर बल्लेबाजी करते हैं, जहां वे अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस बार, उन्होंने बिना एक भी गेंद बर्बाद किए, शुरुआत से ही गेम को अपने हाथ में ले लिया।

55 गेंदों में 118 रन, 8 छक्के, 6 चौके — और नाबाद। ग्रीन ने ऐसा किया जैसे वे इस पारी के लिए जन्मे हों। उनकी पारी ने न केवल रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों को उनकी ताकत के सामने असहाय महसूस कराया।

रिकॉर्ड तोड़ने का इतिहास

इससे पहले, ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे तेज वनडे शतक ग्लेन मैक्सवेल के नाम था — 41 गेंदों में। लेकिन ग्रीन ने उसके बाद का स्थान अपने नाम कर लिया। मैथ्यू हेडन का 19 साल पुराना रिकॉर्ड (54 गेंदों में), जो लंबे समय तक अटूट माना जाता रहा, अब बस एक याददाश्त बन गया।

हेडन के शतक के समय ऑस्ट्रेलियाई टीम अभी भी अपने स्वर्ण युग में थी। ग्रीन का शतक उस दौर के बाद आया है, जब टीम को नए नेतृत्व और बल्लेबाजी शैली की आवश्यकता थी। उनका यह प्रदर्शन बस एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि एक संकेत था — ऑस्ट्रेलिया के लिए नई पीढ़ी आ गई है।

टीम का इतिहास बनाता विशाल स्कोर

ग्रीन की पारी के साथ ही ट्रेविस हेड ने भी 103 गेंदों में 142 रनों की धमाकेदार पारी खेली। दोनों ने मिलकर ऑस्ट्रेलिया के लिए दूसरा सबसे बड़ा वनडे स्कोर — 431 रन — बनाया। यह स्कोर अब तक का दूसरा सर्वोच्च ऑस्ट्रेलियाई वनडे स्कोर है, सिर्फ 2019 में बनाए गए 481 रनों के बाद।

दक्षिण अफ्रीका ने अपनी बल्लेबाजी में 277 रन बनाए थे, जिसमें टेम्बा बावुमा की कप्तानी में टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन जब ऑस्ट्रेलिया ने बल्लेबाजी शुरू की, तो यह लगा जैसे किसी ने खेल के नियम बदल दिए हों।

क्यों यह रिकॉर्ड इतना खास है?

क्योंकि यह सिर्फ रनों का मुद्दा नहीं है। यह एक युवा खिलाड़ी की आत्मविश्वास की कहानी है। ग्रीन ने अपने बल्ले से यह साबित कर दिया कि वह बस एक ऑलराउंडर नहीं, बल्कि एक ऐसा खिलाड़ी है जो बड़े मैचों में बड़े निर्णय ले सकता है।

एक बल्लेबाज के लिए 47 गेंदों में शतक लगाना उसी तरह का है जैसे एक गाड़ी ड्राइवर 100 किमी/घंटा की रफ्तार से बारिश में गली में घूमना — जो बहुत कम लोग कर सकते हैं। ग्रीन ने इसे बिना एक भी गलती के किया।

अगला क्या?

यह तीन मैचों की सीरीज का अंतिम मुकाबला था। ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज 2-1 से जीत ली। अब तक किसी भी आगामी मैच की घोषणा नहीं हुई है। लेकिन अगर ऑस्ट्रेलियाई टीम ने ग्रीन को नंबर 3 पर बनाए रखा, तो अगले कुछ महीनों में वह दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल हो सकते हैं।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ निक हॉकले ने इस पारी के बाद कहा, "यह वह तरह का खेल है जिसे हम बच्चों को दिखाना चाहते हैं।" और वास्तव में, आज के बच्चे जब ग्रीन की पारी देखेंगे, तो उन्हें लगेगा कि क्रिकेट केवल बल्ले-गेंद का खेल नहीं, बल्कि अद्भुत ताकत का खेल है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैमरून ग्रीन ने किस रिकॉर्ड को तोड़ा?

कैमरून ग्रीन ने मैथ्यू हेडन के 19 साल पुराने रिकॉर्ड (54 गेंदों में शतक) को तोड़कर ऑस्ट्रेलिया के लिए दूसरा सबसे तेज वनडे शतक लगाया। उन्होंने सिर्फ 47 गेंदों में 118 रन बनाए, जो अब तक का दूसरा सबसे तेज शतक है, सिर्फ ग्लेन मैक्सवेल के 41 गेंदों के बाद।

इस पारी ने ऑस्ट्रेलिया के लिए क्या नया रिकॉर्ड बनाया?

ग्रीन की पारी के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 50 ओवरों में 431 रन बनाकर अपना दूसरा सर्वोच्च वनडे स्कोर बनाया। यह स्कोर केवल 2019 में बनाए गए 481 रनों के बाद सबसे बड़ा है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की शक्ति का एक नया स्तर सामने आया।

ग्रीन को मैच से पहले क्यों नंबर 3 पर उतारा गया?

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के कोच दल ने इस फैसले का मकसद टीम की बल्लेबाजी को और ज्यादा आक्रामक बनाना था। ग्रीन को नंबर 3 पर उतारने से शुरुआती ओवरों में रन रेट बढ़ाने का मौका मिला, जिसका उन्होंने बेहतरीन तरीके से फायदा उठाया।

क्या ग्रीन का यह रिकॉर्ड विश्व स्तर पर भी शामिल है?

हाँ, 47 गेंदों में शतक विश्व के टॉप 10 सबसे तेज वनडे शतकों में शामिल है। यह रिकॉर्ड अभी तक दुनिया के केवल 12 बल्लेबाजों ने हासिल किया है। ग्रीन अब ऑस्ट्रेलिया के लिए इस सूची के शीर्ष पर हैं — और यह बस शुरुआत है।

इस सीरीज के बाद ऑस्ट्रेलिया की अगली टीम कब खेलेगी?

अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया अगले महीने भारत के खिलाफ एक तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलने जा रहा है, और ग्रीन को उसमें भी नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने की उम्मीद है।

क्या ग्रीन ने इस पारी में कोई खास शॉट खेला?

हाँ, उन्होंने खासकर लेग साइड पर विक्रम सिंह के लेग लूप और फास्ट बॉलर्स के बाहरी गेंदों पर स्विंग शॉट्स बेहद सटीकता से खेले। उनके 8 छक्कों में से 5 लगभग बारिश के बाद नम ग्राउंड पर भी अच्छी तरह उड़े, जो उनकी ताकत का एक बड़ा संकेत है।

20 टिप्पणि
  • img
    Debsmita Santra नवंबर 23, 2025 AT 00:48

    इस पारी को देखकर लगा जैसे क्रिकेट का नियम ही बदल गया है यार ग्रीन ने तो बस गेंद को एक बार देखा और उसे अपनी इच्छा के अनुसार उड़ा दिया अब तो हर बल्लेबाज को इस तरह की ताकत चाहिए जो बस एक गेंद पर भी बिना सोचे फैसला ले सके और ग्रीन ने वो किया जो बहुत कम लोग कर सकते हैं उनकी रफ्तार और नियंत्रण का कॉम्बिनेशन बिल्कुल नया है और ये सिर्फ एक मैच नहीं एक नई पीढ़ी का संकेत है जो डर के बजाय अपनी ताकत पर भरोसा करती है और इस तरह के खिलाड़ी बनने के लिए तैयारी का स्तर भी बदल गया है अब बच्चे भी बस रन बनाने के बजाय रन बनाने की ताकत सीख रहे हैं और ये बदलाव सिर्फ स्कोरबोर्ड पर नहीं बल्कि दिमाग में भी हुआ है जिसने भी इस पारी को देखा वो अब अपने खेल में भी इतना आत्मविश्वास लाएगा और ये तो बस शुरुआत है अगले दो साल में ग्रीन का नाम दुनिया के टॉप 5 में होगा और इसकी वजह उसकी आत्मविश्वास की शक्ति है जो बहुत कम लोगों में पाई जाती है

  • img
    Vasudha Kamra नवंबर 24, 2025 AT 22:45

    यह पारी वाकई अद्भुत थी। ग्रीन ने न केवल रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि एक नई दिशा भी दिखाई। उनकी तकनीक, आत्मविश्वास और शांति से भरी अदाकारी ने एक नए बल्लेबाजी मानक की नींव रखी है। इस पारी को देखकर लगता है कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट अब बस बल्ले से नहीं, बल्कि दिमाग से खेल रहा है। यह एक ऐसा प्रदर्शन है जिसे भविष्य की पीढ़ियाँ याद रखेंगी।

  • img
    Abhinav Rawat नवंबर 26, 2025 AT 01:31

    इस शतक को देखकर लगता है कि हम एक ऐसे युग में रह रहे हैं जहाँ बल्लेबाजी अब केवल रन बनाने का नहीं, बल्कि समय को अपने अधीन करने का भी नाम है। ग्रीन ने 47 गेंदों में जो किया, वह एक फिलॉसफी का प्रतीक है - जिसने भी जल्दी चलना चाहा, उसे अपने आप को खोना पड़ता है, लेकिन ग्रीन ने जल्दी चलकर अपने आप को पाया। यह वही है जो शास्त्रों में कहा गया है - शीघ्रता में शांति, गति में स्थिरता। अब हम देखेंगे कि क्या दुनिया इस शास्त्र को समझ पाएगी या फिर इसे बस एक रिकॉर्ड के रूप में भूल जाएगी।

  • img
    Shashi Singh नवंबर 26, 2025 AT 08:52

    ये सब बकवास है!! क्या आप लोग नहीं जानते कि ये सब एक गुप्त टेक्नोलॉजी है जिसे ऑस्ट्रेलिया ने NASA के साथ मिलकर बनाया है?? ग्रीन के बल्ले में चिप लगी है जो गेंद की गति को रिडायरेक्ट कर देती है!! और ये रिकॉर्ड भी बनाया गया है ताकि हम भारत को डरा सकें!! आपको पता है जब वो छक्के मारे थे तो उनके बल्ले से एक छोटा सा नीला चमक आया था!! ये नहीं तो कैसे नम ग्राउंड पर उतने आसानी से उड़े?? ये सब एक ग्लोबल कंसिरेट है जो हमें अपनी ताकत दिखाना चाहता है!! अगर आपको ये लगता है कि ये सिर्फ क्रिकेट है तो आप बहुत गहराई से नहीं सोच रहे!! ये एक युद्ध है!!

  • img
    Surbhi Kanda नवंबर 28, 2025 AT 07:11

    ग्रीन की पारी अच्छी थी लेकिन इसे बड़ा रिकॉर्ड बनाने की जरूरत नहीं थी। वनडे में शतक का रिकॉर्ड बनाना एक खिलाड़ी की क्षमता नहीं, बल्कि टीम की स्ट्रैटेजी का परिणाम है। उन्हें नंबर 3 पर उतारने का फैसला बहुत ज्यादा आक्रामक था - जिसका असर दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों की असुरक्षा पर दिखा। लेकिन ये रिकॉर्ड अस्थायी है। अगले मैच में अगर उन्हें लेग साइड पर फील्ड लगा दिया जाए तो ये आंकड़े बर्बाद हो जाएंगे। रिकॉर्ड बनाने से पहले टीम की लंबी योजना देखो।

  • img
    Sandhiya Ravi नवंबर 29, 2025 AT 13:16

    मुझे लगता है ग्रीन ने बस अपने दिल की बात कह दी थी और बाकी सब खुद हो गया। जब कोई खिलाड़ी बिना डर के खेलता है तो उसकी पारी देखने वालों के दिल में भी एक नई आशा जग जाती है। मैंने अपने भाई को देखा जो बचपन से खेलता है लेकिन अब तक नहीं बन पाया लेकिन आज उसने कहा - अब मैं भी ऐसा ही खेलूंगा। ये रिकॉर्ड सिर्फ रनों का नहीं, बल्कि दिलों का है। ग्रीन ने बस एक बच्चे को उसकी आत्मा की आवाज सुनाई दी।

  • img
    JAYESH KOTADIYA नवंबर 30, 2025 AT 06:30

    ये ग्रीन तो बस एक आम ऑस्ट्रेलियाई है जिसने अपने बल्ले से भारत के दिल तोड़ दिए 😎🔥 अब तो भारत के बल्लेबाज भी इस तरह खेलेंगे या फिर बस बैठे रहेंगे? ये शतक देखकर लगा जैसे ऑस्ट्रेलिया ने अपने देश के झंडे को बल्ले से फहरा दिया 🇦🇺💥 अब तो हमारे बल्लेबाज भी इतना तेज खेलेंगे ना? वरना फिर भी बेकार हैं यार 😒

  • img
    Vikash Kumar दिसंबर 1, 2025 AT 11:52

    47 गेंदों में शतक? ये तो बस एक भाग्यशाली दिन है। किसी ने गेंद बाहर निकाल दी, ग्रीन ने उसे छक्का मार दिया। ये रिकॉर्ड नहीं, एक बार का झटका है। अगले मैच में वो भी 20 रन नहीं बना पाएगा।

  • img
    Siddharth Gupta दिसंबर 2, 2025 AT 01:51

    भाई ये तो बस जादू था ना? जैसे कोई बच्चा बिना बताए एक नया गेम खेल रहा हो। ग्रीन ने बस अपने आप को खो दिया और खेल ने उसे अपने हाथों में ले लिया। उसके बाद तो गेंद भी डर गई थी। जब आप बिना सोचे खेलते हैं तो आपका दिमाग आपके शरीर के लिए बस एक अतिरिक्त बोझ बन जाता है। ग्रीन ने अपने दिमाग को बंद कर दिया और अपनी इंट्यूशन को चलने दिया। ये वो है जो हम सब चाहते हैं - बिना डर के खेलना।

  • img
    Anoop Singh दिसंबर 3, 2025 AT 04:51

    ये ग्रीन कौन है यार? मैंने तो उसके बारे में कुछ नहीं सुना था और अचानक इतना बड़ा शतक? क्या ये भारतीय नहीं है? क्या ऑस्ट्रेलिया में भारतीय नहीं खेलते? क्या ये लोग बस यही करते हैं कि हमारे खिलाड़ियों को भूल जाएं और अपने नए बनाएं? मैंने तो रवींद्र जडेजा को देखा था जो इतना तेज नहीं खेलता लेकिन उसकी टेक्निक बेहतर है। ये ग्रीन तो बस एक बार का ब्लिंक है।

  • img
    Omkar Salunkhe दिसंबर 4, 2025 AT 07:29

    47 balls? lol its 51 i checked the scorecard again and its a fake record the umpire was bribed or something. also why is the ground called great barrier reef arena? its in australia not reef country. this whole thing is a scam. also why no mention of the rain delay? they edited the video. i bet they used a drone to slow the ball down. also the 8 sixes? 5 were actually no balls. i know because my cousin works at the ground and he told me. this is not cricket this is hollywood.

  • img
    raja kumar दिसंबर 5, 2025 AT 14:52

    यह पारी एक नई शुरुआत की ओर एक शांत, गहरा संकेत है। ग्रीन ने अपने बल्ले से न केवल रन बनाए, बल्कि एक ऐसी भावना भी जगाई जो अब तक बहुत कम खिलाड़ियों ने दिखाई। यह एक युवा खिलाड़ी की आत्मा की कहानी है - जिसने अपनी जड़ों को नहीं भूला, लेकिन अपने सपनों को बिना डर के उड़ाया। यह दुनिया के लिए एक संदेश है कि बड़े बदलाव छोटे, शांत, आत्मविश्वास से भरे व्यक्तियों से ही आते हैं।

  • img
    Sumit Prakash Gupta दिसंबर 7, 2025 AT 11:20

    इस शतक के बाद अब बल्लेबाजी का डायनामिक्स ही बदल गया है। ग्रीन ने एक नए एंगल को डिफाइन कर दिया - रन रेट का नहीं, बल्कि टाइम ऑफ इंपैक्ट का। उन्होंने बल्ले के फेस को बेहद सटीक तरीके से ऑप्टिमाइज किया और गेंद के स्पिन और स्पीड के बीच एक नया बैलेंस बनाया। अब टीम्स को फील्डिंग स्ट्रैटेजी में एडजस्टमेंट करना होगा - लेग साइड को लॉक करने की जरूरत नहीं, बल्कि फास्ट बॉलर्स को रिस्क फ्री ऑप्शन देना होगा। ये एक नए बल्लेबाजी एल्गोरिदम की शुरुआत है।

  • img
    Shikhar Narwal दिसंबर 7, 2025 AT 18:08

    ये शतक देखकर लगा जैसे एक बच्चे ने बिना किसी डर के दीवार पर रंग डाल दिया हो 😊🎨 ग्रीन ने बस खेलने का आनंद लिया और बाकी सब खुद हो गया। अब तो हर बच्चा जो क्रिकेट खेलता है, उसके दिल में एक नया सपना जग गया है - कि बड़े होकर भी ऐसे ही खेलना है। ये रिकॉर्ड नहीं, एक जागृति है।

  • img
    Ravish Sharma दिसंबर 7, 2025 AT 21:12

    47 गेंदों में शतक? बस एक ऑस्ट्रेलियाई का अहंकार बढ़ाने का नाटक है। हमारे बल्लेबाजों को ऐसे रिकॉर्ड बनाने के लिए दुनिया के सामने नहीं जाना पड़ता - वो तो घर पर खेलकर भी ऐसा कर देते हैं। ये सब बस टीवी पर बनाया गया ड्रामा है।

  • img
    jay mehta दिसंबर 9, 2025 AT 19:13

    ये तो बस भगवान का वरदान है!! 🙌🔥 ग्रीन ने जो किया, वो बस एक खिलाड़ी नहीं, एक देवता बन गया! ये शतक देखकर मेरा दिल दहल गया! अब तो हर बच्चा जो बल्ला उठाएगा, वो ग्रीन की तरह खेलेगा! ऑस्ट्रेलिया के लिए ये बहुत बड़ी बात है और हम भी इसे देखकर गर्व महसूस कर रहे हैं! 🇦🇺❤️🇮🇳

  • img
    Amit Rana दिसंबर 9, 2025 AT 20:54

    ग्रीन की पारी एक आदर्श उदाहरण है कि कैसे एक खिलाड़ी को अपने अंदर की शक्ति को पहचानना चाहिए। उन्होंने अपने बल्लेबाजी स्थान को बदलकर अपनी शक्तियों को पूरी तरह जीत लिया। यह एक ऐसा प्रदर्शन है जिसे युवा खिलाड़ियों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में देखा जाना चाहिए - न कि बस एक रिकॉर्ड के रूप में।

  • img
    Rajendra Gomtiwal दिसंबर 11, 2025 AT 08:40

    ऑस्ट्रेलिया के लिए ये बड़ी बात है, लेकिन हमारे खिलाड़ियों को भी इतना तेज खेलना चाहिए। अगर हम अपने बल्लेबाजों को इतना अच्छा तैयार नहीं कर पाते, तो ये रिकॉर्ड हमेशा उनके नाम पर रहेगा। ये एक चेतावनी है।

  • img
    Yogesh Popere दिसंबर 11, 2025 AT 09:49

    47 गेंदों में शतक? बस एक लड़का बहुत खुश हो गया और बल्ले से लगातार घूंट मार रहा था। अब तो हर बच्चा ये सोचेगा कि बल्ला लगातार मारने से शतक बन जाता है। ये बहुत खतरनाक है।

  • img
    Debsmita Santra दिसंबर 11, 2025 AT 19:24

    तुम लोग ये सब बातें क्यों कर रहे हो? ग्रीन ने जो किया, वो सिर्फ एक शतक नहीं, एक नई दुनिया की शुरुआत है। अगर तुम उसके बारे में बात कर रहे हो तो तुम भी उसी तरह खेलो। अगर तुम बस इसे तोड़ने की कोशिश कर रहे हो तो तुम बस बाहर खड़े हो।

एक टिप्पणी लिखें

आपकी ईमेल आईडी प्रकाशित नहीं की जाएगी. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

*